RTGS, NEFT amenities prolonged past banks, RBI declares in Financial Coverage | RTGS और NEFT के लिए बैंक की जरूरत नहीं! मोबाइल वॉलेट बन जाएगा ATM, जानिए RBI का नया कदम


नई दिल्ली: RBI Financial Coverage: अब आपको RTGS और NEFT करने के लिए बैंक के ऊपर पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने RTGS और NEFT का दायरा बैंकों से आगे बढ़ा दिया है. मॉनिटरी पॉलिसी का ऐलान करते हुए रिजर्व बैंक गवर्नर शक्तिकांता दास ने ऐलान किया कि ये सुविधा अब नॉन बैंकि पेमेंट सिस्टम ऑपरेटर्स भी दे सकेंगे. 

1. RTGS, NEFT का दायरा बढ़ा 

RTGS और NEFT एक Centralised Fee Techniques है, जिसे रिजर्व बैंक ऑपरेट करता है. अब इसी CPS का हिस्सा नॉन बैंक पेमेंट सिस्टम ऑपरेटर्स जैसे कि Pay as you go Fee Instrument(PPI) जारी करने वाले, कार्ड नेटवर्क्स, व्हाइट लेबल ATM ऑपरेटर्स और ट्रेड रिसीवेबल डिस्काउंटिंग सिस्टम होंगे. ये सभी अब सीधे ही CPS की मेंबरशिप के ले सकते हैं. 

2. बिना बैंक के भी कर सकेंगे RTGS, NEFT 

RBI का कहना है कि इस सुविधा से वित्तीय सिस्टम में सेटलमेंट रिस्क को कम करने में मदद मिलेगी और डिजिटल वित्तीय सेवाएं की पहुंच सभी यूजर्स तक बढ़ेगी. नॉन बैंक पेमेंट सिस्टम ऑपरेटर्स का मतलब हुआ MobiKwik, PayU, Ola Pay, Amazon Pay वगैरह. यानी अगर आपके पास मोबाइल वॉलेट है तो आप RTGS और NEFT के जरिए किसी को भी पैसा भेज सकते हैं. 

3. एक वॉलेट से दूसरे में 2 लाख रुपये भेज सकेंगे 

इसके अलावा रिजर्व बैंक ने एक और बड़ी राहत दी है, Pay as you go Fee Devices (PPIs) यानी मोबाइल वॉलेट इंटरऑपरेबिलिटी के जरिए अब 2 लाख रुपये तक पैसे भेजे जा सकते हैं. यानी अगर आपके पास Ola Pay है, आप किसी दूसरे के वॉलेट में पैसे भेज रहे हैं, जो कि कोई दूसरा वॉलेट इस्तेमाल करता है, तो इसकी लिमिट अब 2 लाख रुपये कर दी गई है, पहले ये लिमिट 1 लाख रुपये ही थी. हालांकि इसके लिए फुल KYC अनिवार्य है. 

4. मोबाइल वॉलेट बन जाएगा ATM

अभी बैंकों की ओर से जारी फुल KYC PPI से कैश निकासी की जा सकती है. अब रिजर्व बैंक ने सभी PPIs के लिए कैश निकासी के दरवाजे खोल दिए हैं. अब रिजर्व बैंक ने प्रस्ताव दिया है कि नॉन बैंक PPIs इश्यूअर के फुल KYC PPIs से कैश निकाला जा सकता है. यानी आपका मोबाइल वॉलेट अब ATM की तरह काम करेगा, क्योंकि इससे पैसा निकाल सकते हैं, भेज सकते हैं अभी तक बस पेमेंट कर सकते थे या ट्रांसफर कर सकते थे.

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