Amazon acknowledges situation of driver’s urinating in bottles, apologized for inconvenience | Amazon ने ‘बोतल में पेशाब’ मामले में मानी गलती, माफी मांगते हुए कही ये बात


नई दिल्ली/न्यूयॉर्क:  दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन (Amazon) ने उन आरोपों को स्वीकारा है और माफी मांगी है, जिसमें उसपर आरोप लगे थे कि वो अपने कर्मचारियों का शोषण करती है. दरअसल, अमेजन पर आरोप लगा था कि उसके कर्मचारियों पर काम का इतना बोझ है कि उनके पास टॉयलेट जाने का भी समय नहीं है और वो हल्का होने के लिए बोतल का इस्तेमाल कर रहे हैं. इसके बाद से ही सोशल मीडिया पर कंपनी को ट्रोल किया जा रहा था. इस मामले में अमेरिकी नेता ने भी कंपनी पर हमला बोला था, जिसके बाद अमेजन ने माफी मांगी है. 

अमेरिकी नेता ने क्या कहा था?

अमेरिकी नेता मार्क पोकन (Mark Pocan) ने अमेजन पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया था और कहा था कि ‘अपने कर्मचारियों को 15 डॉलर प्रति घंटे देने से आप प्रोग्रेसिव वर्क प्लेस नहीं बन जाते हैं. खासतौर पर तब जब आपके कर्मचारियों को काम के बोझ के चलते बोतलो में पेशाब करना पड़ता है.’ अमेजन ने इसका जवाब देते हुए ट्वीट में लिखा, ‘आप ‘बोतलों में पेशाब वाली बात’ में विश्वास नहीं करते हैं, है ना? अगर ऐसा होता तो कोई भी हमारे लिए काम नहीं कर रहा होता. सच्चाई ये है कि हमारे साथ एक मिलियन से अधिक बेहतरीन वर्कर्स मौजूद हैं जो काम को लेकर बेहद गर्व महसूस करते हैं. इन लोगों को ना केवल अच्छी सैलरी बल्कि बेहतरीन हेल्थ केयर भी पहले दिन से ही मिलनी शुरू हो जाती है.’ हालांकि अब अमेजन ने एक ब्लॉग पोस्ट लिखा है और विस्तार से मामले पर अपनी बात रखी है.

कोरोना महामारी के दौरान बने हालात को बताया जिम्मेदार

अमेजन कंपनी ने अपने ब्लॉग पोस्ट में लिखा है कि कोरोना महामारी की वजह से सार्वजनिक शौचालयों पर ताले लटके हुए थे. और इस तरह की परेशानियां उसके कर्मचारियों को ग्रामीण इलाकों में भी झेलनी पड़ी होंगी, जहां बुनियादी सुविधाएं कम हैं. हालांकि लोगों का आरोप है कि कंपनी के ड्राइवर सुविधाओं की कमीं नहीं, बल्कि समय की कमीं के चलते ऐसा कर रहे हैं. उनके पास वाशरूम जाने का भी समय नहीं होता. कंपनी ने ट्रैफिक की वजह से भी ऐसे हालात बनने की आशंका जताई है.

क्या था पूरा मामला?

एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेजन कंपनी में काम करने वाले प्रत्येक डिलीवरी वर्कर से 10 घंटे काम कराया जाता है. इस शिफ्ट में उसे 300 पैकेज की डिलीवरी करनी होती है, और अगर वे ज्यादा समय लगाते हैं तो उनकी नौकरी जाने का खतरा होता है. ड्राइवर ने बताया कि शेड्यूल काफी टाइट होने के कारण वे बोतलों में ही पेशाब करने के लिए मजबूर हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, ड्राइवर ने आगे बताया कि डिलीवरी के दौरान अगर हम रास्ते में टॉयलेट ढूंढने लगें तो 10-20 मिनट तक का समय लग सकता है. इसलिए हम अपनी सुविधा के लिए बोतलों का इस्तेमाल करते हैं. शख्स ने दावा किया कि अमेजन के बहुत सारे ड्राइवर्स बोतलों में ही टॉयलेट करते हैं और इसके बाद सैनिटाइजर से अपने हाथों को साफ कर लेते हैं. 

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कंपनी में यूनियन बाजी?

अमेजन में करीब eight लाख लोग काम करते हैं. अब कंपनी के कर्मचारी अपने हितों को लेकर यूनियन बनाने की कोशिश कर रहे हैं. हालांकि कंपनी इन्हें ऐसा करने से रोकने में पूरी ताकत लगा रही है. लेकिन उम्मीद है कि अगले कुछ समय में कंपनी के कर्मचारी अपनी यूनियन बना लेंगे. जिसके माध्यम से वो कंपनी पर कर्मचारियों के हित में बड़े दबाव बनाने में सक्षम हो जाएंगे. 





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